केके


कृष्णकुमार कुन्नथ उर्फ़ केके को सबसे पहले हमने सुना एल्बम “पल” में | पल-चल जैसे नर्सरी राइम वाले शब्दों पर बना गीत “ये हैं प्यार के पल” आज भी स्कूल कॉलेज की यादो का एंथम बना हुआ हैं | ठहराव केके की गायकी का मूल तत्व हैं, इस गीत में भी वो पल या चल को बड़े इत्मीनान से बोलकर थोड़ा रुकते हैं और यही वो पल हैं जहा वो गीत का सारा भाव समझा देते हैं और आगे का गीत हम बस स्कूल कॉलेज की यादो के गलियारे में बैठकर मंत्रमुग्ध होकर सुनते ही रह जाते हैं | इसी तरह का एक गीत था – “यारो दोस्ती बड़ी ही हसीन हैं” | दोस्ती के भाव को दीपक की बाती जैसी लय में जितनी खूबसूरती और कोमलता से केके ने गाया हैं वो शायद की किसी और गीत में सुनने को मिले |


केके को किसी फिल्म के गीत में शायद पहली बार हमने सुना फिल्म हम दिल दे चुके सनम के गीत “तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही” में | अपने पहले ही प्रयास में केके ने वो मुकाम हासिल किया जिससे ऊपर जाना उनके लिए भी आज तक मुमकिन नहीं हुआ | इससे पहले और इसके बाद में भी जितने दर्द भरे गीत बने, सभी में गायक सुर-ताल और लय के साथ बड़े-बड़े आलाप लेते हुए गाता था, जबकि वास्तविकता में ये मुमकिन ही नहीं हैं | जब कोई दुःख में हो तो सुरो पर संतुलन कैसे बना सकता हैं | केके ने इस गीत को चीखते-चिल्लाते हुए लहजे में गला फाड़कर गाया | जैसे कोई अपनी किस्मत पर रो रहा हो, ईश्वर से शिकायत कर रहा हो – “जिस्म मुझे देकर मिट्टी का, शीशे सा दिल क्यों बनाया” | पहली बार ये गीत केवल बेसुरे के चीखने-चिल्लाने से ज्यादा कुछ नहीं लगेगा पर जब ये गीत इत्मीनान से पूरा सुनेगे तो देखेंगे गीत में केके ने वाकई में कमाल ही कर दिया था (खासकर “लूट गए” इस शब्द में तो केके ने ऐसा सुर दिया हैं कि कोई सड़क पर लौटते हुए कराह रहा हैं – “लूट गए” )| यकीन ही नहीं होता हैं “दोस्ती बड़ी ही हसीं हैं” जैसा कोमल गीत और “तड़प-तड़प” जैसा कठोर गीत एक ही गायक ने गाये हैं | आप इस गीत को अगर फिल्म में देखेंगे तो पाएंगे कि केके की आवाज़ में जितना दर्द था उतना सलमान खान भी अपने अभिनय से पैदा नहीं कर पाए हैं | अपने पहले ही प्रयास में केके समकालीन गायको से कही आगे निकल गए |


एक और गीत था – “मैंने दिल से कहा ढूंढ लाना ख़ुशी” | नीरस और एकाकी जीवन से उपजे रंज की भावनाओ पर आधारित ये गीत केके ने बड़े इत्मीनान और ठहराव से गाया हैं | दर्द का ये स्वरुप केवल केके ही दिखा सकते थे कि जीवन में कोई बड़ा दुःख नहीं पर फिर भी कोई दुखी हैं और इस दुःख को बड़े फिलॉसॉफिकल तरीके से बता रहा हैं – “जश्न ये रास ना आया, मज़ा तो बस गम में आया हैं” | इस गीत को केके ने बहुत सहज अंदाज में गाया हैं, जैसे कोई हमारे सामने बैठा हैं और अपना हाल बता रहा हैं, और हम उसकी नीरस जीवन की बातो को बड़े चाव से सुन रहे हैं | केके की सहजता, आवाज़ का टेक्सचर, गीत के बोल और इरफ़ान का अभिनय इस गीत के मुख्य आकर्षण हैं | “आवारापन-बंजारापन” भी इसी अंदाज का गीत हैं, जो सुनने पर दिल में हुक सी उठाता हैं, इस गीत में आवारापन-बंजारापन शब्द ही केके ने इतने जादुई और रहस्मयी अंदाज में बोले हैं कि आगे का गीत ना भी सुने तो ये शब्द आपके ह्रदय में गूंजते रहेंगे | फिल्म “रहना हैं तेरे दिल में ” केके ने गाया हैं – “सच कह रहा हैं दीवाना” | प्रेम में नाकाम प्रेमी के भावो से भरा ये गीत जितना दर्द में डूबा हैं, उतना ही मधुर और कर्णप्रिय भी |


केके ने माधुर्य भरे गीत भी बहुत गाये हैं | “क्यों आजकल नींद कम, ख्वाब ज्यादा हैं” गीत में वो अपनी जादुई आवाज़ से प्रेम के उत्साह को दिखाते हैं तो “सज़दे किये हैं मैंने” गीत में प्रेम की खुशी और ईश्वर के प्रति गरेटिटूयड की भावना दिखाते हैं | ” दिल इबादत” और “ज़रा सा दिल में दे जगह तू” जैसे गीत प्रेम की मिठास को हमारे कानो में ही नहीं बल्कि ह्रदय-आत्मा में घोल देते हैं | ये भी केके की आवाज़ का जादू हैं कि खुदा, दिल जैसे दर्जनों बार उपयोग किये गए घिसे-पीटे शब्दों से भरा गीत “खुदा जाने” सुपरहिट हो जाता हैं | फिल्म “बचना ऐ हसीनो” के इस गीत में केके “खुदा जाने” में ऐसा स्वर लेते हैं कि आवाज़ आसमान के पार खुदा तक पहुचानी हो और उसके तुरंत ही बाद “कि बन गया हूँ मैं तेरा” इस अंदाज में गाते हैं कि आवाज़ सिर्फ दो प्रेमियों के बीच सिमटी रहे | शब्दों में भावनाओ का ऐसा उतार-चढ़ाव देकर सुनने वाले के ह्रदय में चाशनी घोलना ही केके के गायन का मुख्य जादू हैं, आज भी हम “पल”, “आवारापन-बंजारापन”, “खुदा-जाने” जैसे शब्दों को सुनते ही इन गीतों में जैसे खो जाते हैं |


दो गीत और हैं जिनके बिना हमारी चर्चा अधूरी रहेगी | बजरंगी भाईजान फिल्म में एक गीत हैं – “तू जो मिला तो सब कुछ है हासिल” और इक़बाल फिल्म का गीत “आशाएं” | मुन्नी और बजरंगी के रिश्ते पर आधारित गीत “आशियाना मेरा साथ तेरे हैं ना” जैसी भावपूर्ण पंक्ति से आरम्भ होता हैं और “जैसे तू धड़कन मैं दिल” के अंजाम तक पहुँचता हैं | ये गीत नहीं बल्कि पूरी फिल्म की कहानी हैं, मुन्नी और बजरंगी के मासूम रिश्ते को केके भी उतनी ही कोमलता और संवेदना से नाम देते हैं – “जैसे तू धड़कन मैं दिल” | इक़बाल फिल्म का गीत “आशाये” में केके उम्मीद और हौसलों का ज्वालामुखी पैदा कर देते हैं | जीवन में जब भी आप आप को निराश और हारा हुए पाए, ये गीत जरूर सुने, इस गीत में केके की आवाज़ नसों में उम्मीदों का हीमोग्लोबिन पैदा करने की काबिलियत रखती हैं |


सात सुर होते हैं संगीत में, पर केके आठवे सुर के भी महारथी हैं | किसी भी गीत की आत्मा पर, भाव पर केके की पकड़ वैसी ही हैं जैसी मधुमक्खी की पकड़ शहद पर | और ये शहद जब सुनने वाले के कानो में पड़ता हैं तो अजब सा मिठास भरा जादू घोल देता हैं | तरल आवाज़ के मालिक केके का कंठ किसी भी सांचे में ढल जाता हैं, दर्द में वो तड़प जाता है तो ख़ुशी में चहक जाता हैं | किसी दिन शायद केके कोई भजन गाये तो वो भी उपासना का महाकाव्य बन जायेगा | फिल्म ओम शांति ओम में केके का एक गीत हैं – “आँखों में तेरी अज़ब सी अदाए हैं” | आवाज़ में केके की भी अज़ब सा जादू हैं, दिल को बना दे जो पतंग वो केके के गीत हैं | और हम इन गीतों के संसार में ही आँखे मूंदकर बस खोये रहना चाहते हैं |

— अंकित सोलंकी, उज्जैन (मप्र)

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