कटी पतंग का क्या करे ?


कटी पतंग का क्या करे ?

हम सभी लोगो को अगर कोई कटी पतंग मिलती हैं तो हम लोग उसे धागा बांधकर उड़ाना शुरू कर देते हैं । पर ऐसी कोई कटी पतंग इन प्रसिद्ध व्यक्तियों को मिलती हैं तो वो क्या करते हैं । आइये जानते हैं :-

महात्मा गाँधी – कटी पतंग पर हक उसके मालिक का हैं । पतंग के मालिक को ढूंढकर उसे उसकी पतंग वापस कर देंगे ।

नरेन्द्र मोदी – उस कटी पतंग को हर राज्य के चुनाव प्रचार में ले जाएंगे और लोगों से भाषण में कहेगे – भाइयो और बहनों , आपके राज्य से मेरा पुराना नाता हैं । जब मैं गुजरात मे चाय बेचता था तब ये पतंग आपके राज्य से कटकर मेरे पास गुजरात मे आ गई थी । मैंने इस पतंग को तब से संभालकर रखा हैं। आज मैं आपको आपकी पतंग वापस देने आया हूँ ।

राहुल गांधी – उस कटी पतंग को सभी कांग्रेसी नेता मिलकर उड़ायेंगे । जैसे ही पतंग थोड़ी उड़ने लगेगी, डोर राहुल गांधी जी के हाथ मे दे दी जाएगी , फिर पतंग का क्या होगा ये मुझे आपको बताने की जरूरत नहीं है ।

मुकेश अम्बानी – वो कटी पतंग फ्री में बेच देगे और उसके साथ मे थोड़ी डोर भी बिलकुल फ्री में दे देंगे । और जब पतंग के खरीददार को पतंग उड़ाने का शौक लग जायेगा और उसे दूसरी पतंग या डोर की जरूरत होगी तो उसे अगली बार पतंग और डोर महंगे भाव मे बेची जाएगी ।

योगी आदित्यनाथ – उस पतंग पर 2000 का नोट बांधकर उड़ायेंगे और पतंग को फिर से कटवा देगे । फिर इस कटी पतंग को लूटने के लिए जब सारे गुंडे बदमाश इकठ्ठे होंगे, सालो को वही ठोक देगे ।

मार्क जुकरबर्ग – पतंग के मालिक के बारे में पता करेगे और उसे फेसबुक पर पतंग की दुकानों, ऑनलाइन पतंग खरीदने की वेबसाइट और पतंग उड़ाना सीखाने वाली ऑनलाइन साइट के विज्ञापन दिखाएंगे ।

विपक्ष पार्टी – पतंग को दिखाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और कहेगे – ये पतंग का कटना सरकार की साजिश हैं, ताकि लोग मजबूर होकर दूसरी पतंग खरीदे और इसका सीधा फायदा पतंग बनाने और बेचने वाले उद्योगपतियो को हो ।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान – कटी पतंग पर कश्मीर लिख देगे और संयुक्त राष्ट्र संघ में पतंग दिखाकर कहेगे – कश्मीर हमारा हैं ।

रणवीर सिंह – कटी पतंग अपने दर्जी को दे देंगे ताकि वो इससे उनकी नई ड्रेस डिज़ायन कर सके ।

अमिताभ बच्चन – वो कटी पतंग की तरफ देखेगे भी नही और पूछने पर कहेगें – मैं आज भी कटी पतंग नही उड़ाता।

गब्बर सिंह – गब्बरसिंह वो पतंग ले जाकर साम्भा को दे देगा । बेचारा अकेला पहाड़ी पर बैठकर बोर होता रहता हैं तो वो पतंग उड़ाकर मनोरंजन कर सकता हैं ।

राजेश खन्ना – बाबू मोशाय, कटी पतंग कोई भी उड़ाए पर कटी पतंग मेरी थी, मेरी है और मेरी ही रहेगी ।